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गलत नम्बर

Saturday, February 27th, 2010

प्रेषक : पॉवर मैन
यह घटना पिछले महीने की है। मेरी पत्नी मायके गई थी और रात में करीब 10 बजे मैं अपने बिस्तर पर लेटा डीवीडी में एक ब्लू फ़िल्म की सीडी डालकर अपने लंड को सहला रहा था। फ़िर मैंने बगल में पड़ा मोबाइल उठाया और मेरी पत्नी सुनीता को फोन लगाने लगा। सामने ब्लू फ़िल्म चल रही थी और उसमें एक मर्द एक औरत की चूत चाटने में लगा हुआ था। मेरे कानों में उधर से रिंग होने की आवाज आ रही थी फ़िर उधर से आवाज आई- हेल्लो !

मैं मूड में बोलने लगा- सुनीता डार्लिंग ! तुम वहां मायके में आराम से हो और यहाँ मेरा लंड तुम्हारे लिए बेकरार है। सामने ब्लू फ़िल्म में मस्त चुदाई का सीन चल रहा है और मैं अपने कड़कते लंड को सहला रहा हूँ। आओ न और अपने चूत में इसे लेकर इसकी तड़प को शांत करदो।

इतना कहकर मैं सुनीता की आवाज सुनने को रुका पर उधर से कोई आवाज नहीं आई और तब मैंने मोबाइल को कान से हटा कर उसके स्क्रीन पर देखा और मेरे होश उड़ गए। मैं सुनीता के नहीं बल्कि अपने पड़ोस में रहने वाले सुनील जी के घर के फ़ोन पर बातें कर रहा था और वह हेल्लो की आवाज सुनीता की नहीं बल्कि उनकी पत्नी रूबी की होगी जिन्हें मैं भाभी कहता था।

अब मुझे समझ नहीं आ रहा था कि मैं क्या करूँ? मेरे लंड की उत्तेजना जा चुकी थी और मैंने डीवीडी बंद कर दिया। मैंने फ़िर कुछ विचार करने के बाद पुनः सुनील जी के यहाँ फ़ोन किया, रूबी भाभी ने फ़ोन उठाया तो मैंने कहना शुरू किया- सॉरी भाभी, मैं सुनीता को फ़ोन लगा रहा था पर फ़ोन में सुनील जी और सुनीता का नम्बर आस पास होने के कारण आपका नम्बर लग गया और मैंने बिना ध्यान दिए उल-जुलूल बातें कह दी। प्लीज मुझे माफ़ कर दें !

रूबी भाभी ने कुछ नहीं कहा और फ़ोन रख दिया। मैं चिंतित सा था और समझ नहीं पा रहा था कि क्या करूँ। खैर मैंने सोने का निर्णय लिया पर नींद नहीं आ रही थी।

लगभग 10 मिनट बाद मेरा मोबाइल बज़ने लगा, वह सुनील जी का नम्बर था। मैंने रिसीव किया, उधर से रूबी भाभी थी- देखो देवर जी, तुमने गलती तो की है और इसकी सजा भी भुगतनी पड़ेगी, तुम जरा मेरे घर में आओ अभी फ़िर मैं सोचती हूँ कि क्या सजा दूँ ! “अभी आया” मैंने इतना कहा ही था कि रूबी भाभी ने फ़ोन काट लिया था।
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बेडरूम में पहुंचकर उन्होंने शाल हटा दिया और नाइटी के भीतर बिना ब्रा की बड़ी चुचियों का आभास मुझे हो गया। मैंने भी जैकेट उतार दिया। मैंने बेबी आयल के बारे में पूछा तो उन्होंने अपने ड्रेसिंग टेबल में से निकाल कर दिया। कमरे में हीटर होने के कारण ठंड नहीं लग रही थी।

मैंने भाभी को पेट के बल लेटकर नाइटी को ऊपर करने को कहा। उन्होंने ऐसा ही किया और उनकी चिकनी गोरी पीठ देखकर मेरी उत्तेजना बढ़ गई थी।

नीचे पेटीकोट उनके चूतड़ों को ढके जरुर था, पर उनकी गोलाई और बड़े आकार का स्पष्ट आभास हो रहा था। खैर मैंने उनकी पीठ पर बेबी आयल डाला और धीरे-धीरे मसाज शुरू किया और कुछ ही मिनटों बाद उनके पेटीकोट के फीते को खोल दिया, मसाज करते हुए ही पेटीकोट को …
पूरी कहानी यहाँ है !